कांचनार गुग्गुल के फायदे ,नुकसान ,घटक द्रव्य ,मात्रा ,सावधानी kanchnar guggul ke fayade in hindi 2021 |

कांचनार गुग्गुल के फायदे ,नुकसान ,घटक द्रव्य ,मात्रा ,सावधानी kanchnar guggul ke fayde in hindi |

कांचनार गुग्गुल क्या है |   

कांचनार गुग्गुल क्या है इसके बारे में हम लोग आज article में पढेंगे | और इसकी पूरी उपयोगिता के बारे में जानेगे| | आयुर्वेदिक  औषधि के रूप में  इस दवा का प्रयोंग किया जाता है | यह कांचनार नामक पेड़ की छाल से प्राप्त होती है | इसका उपयोंग बहुत से रोगो को ठीक करने के लिए किया जाता है | लेकिन इसकी पूरी जानकारी के लिए आपको पुरा article पढ़ना होगा | 

कांचनार गुग्गुल के घटक द्रव्य क्या है  ghatak dravya kya hai ||  |

  

कांचनार के घटक द्रव्य निम्नवत है | जो निचे दिया गया है |

  • कांचनार की छाल 
  • वरुण की छाल 
  • त्रिफला 
  • इलायची 
  • त्रिकुटा 
  • दालचानी 
  • तेजपात 
  • मधुका 

गुग्गुल 

कांचनार गुग्गुल को बनाने की विधि kanchnar guggul banane ki vidhi |  |  

इस दवा की गोलियों को बनाने के लिए सबसे पहले आपको कांचनार की छाल 40 तोला ,त्रिफला 24 तोला ,त्रिकुटा 12 तोला ,वरुण की छाल 4 तोला ,इलायची ,दालचीनी ,तेजपात ,प्रत्येक को 1 -1 तोला लेकर सबको अच्छी तरह से कुटे | उसके बाद जितना चूर्ण है | उसी के बराबर शुद्ध गुग्गुल मिलाकर ,कूटकर ,घी या अरंडी तेल के सहारे 3 -3 रत्ती की गोलियां बनाये ,और छाया में सुखाकर रख ले | 

इसे भी पढ़े -पथ्यादि काढ़ा के फायदे क्या है |

कांचनार गुग्गुल का उपयोग किसके -किसके लिए किया जाता है | 

इस गुग्गुल के सेवन से गलगण्ड ,गंडमाला (गले में कंठवेल होना ),अपची ,ग्रंथि ,अर्बुद (रसौली ),गले में और नाक के भीतर गांठे बढ़ना ,व्रण ,गुल्म ,कुष्ठ व भगन्दर आदि रोगो में अच्छा फायदा होता है |   इसका उपयोग विशेषकर ग्रंथि (गाँठ ) नाश करने के लिए किया जाता है | ये गाँठे वात और कफजन्य हुआ करती है | गलगण्ड और गण्डमाला की अपक्वता मतलब जब इस रोग का प्रादुर्भव ज्ञात हो ,तभी से इसका उपयोग करना प्रारम्भ कर देने से 2 महीने में शर्तिया लाभ होता है | ऐसा माना गया है ,पुराने विकारो में अधिक समय तक दे | इस दवा के सेवन के साथ ही यदि बाँझ ककोड़े की जड़ का लेप कांजी में मिलाकर गले की गाँठ पर किया जाय ,तो अवश्य ही उक्त समय तक गांठ ठीक हो जायेगी | 

कांचनार गुग्गुल के फायदे  kanchnar guggul benefits in hindi | 

दवा  का उपयोग बहुत से रोगों से निजात पाने के लिए किया जाता है | इसके अनेक फायदे है| 

  • गलगण्ड में – कुछ लोगो में गले में सुजन की समस्या और गला फूलने की बीमारी होती है | ऐसे में ज़्यदातर आयोडीन की कमी के कारण होता है | जिसको गलगण्ड भी कहा जाता है | इस समस्या को दूर करने के लिए यह और्वेदिक दवा  बहुत ही उपयोगी माना जाता है | इससे आयोडीन की कमी भी पुरा हो जाती है | 
  • गले में और नाक के भीतर गांठे बढ़ना  -इस दवा  का प्रयोग गांठो के लिए विशेष तौर पर किया जाता है | चाहे वह गले मे हो या नाक मे | लेकिन इसका उपयोग डॉक्टर की देख -रेख में करे | नहीं तो गंभीर परेशानी झेलनी पड़ सकती है और इसका उपयोग गर्भाशय और स्तनों की गांठो में भी प्रयोग किया जाता है | 
  • अपची में इसका का प्रयोग -इस दवा  का प्रयोग कब्ज से छुटकारे के लिए भी प्रयोग किया जाता है | यह अपच में शानदार काम करता है | 
  • रसौली में  प्रयोग –यह रसौली रोग में भी  बहुत हितकारी माना गया है | 
  1. कुष्ठ व भगन्दर –कुष्ठ व भगन्दर रोग में भी कांचनार गुग्गुल का प्रयोग हितकारी माना गया है | 

कांचनार गुग्गुल की खुराक (मात्रा )क्या है | 

2 से 4 गोली सुबह -शाम कांचनार छाल ,वसा (वरुण की छाल )गोरखमुंडी और खैरसार की छाल या लकड़ी के बुरादे का क्वाथ बनाकर इसके साथ दे | यदि विशेष लाभ न हो तो इसके साथ सुवर्ण भस्म ,और प्रवाल पंचामृत 3 रत्ती मिलाकर दे | 

Note –गुग्गुल ,गंधक और रसौत तीनो समभाग लेकर जल में पीस करके गण्डमाला पर लेप करने से भी बहुत लाभ होता है | 

ध्यान दे –कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले | 

कांचनार गुग्गुल के लेने से क्या नुकसान होता है |  

इस दवा  के कोई side effects तो नहीं देखा गया है लेकिन कुछ लोग दवा को डॉक्टर की देख -रेख में न लेकर वे अपने आप बहुत दिनों तक इसका सेवन जारी रखते है | जिससे इसका साइड इफेक्ट्स  होता है | कुछ निचे दिया गया है | 

  • पेचिश की समस्या | 
  • स्वाश से सम्बंधित दमा की समस्या | 
  • उल्टी और दस्त की समस्या | 
  • शरीर में एलर्जी की समस्या | 
  • सोने मे दिक़्क़त | 

कांचनार गुग्गुल की मूल्य| 

वैसे तो इस दवा की market मे बहुत सारी ब्रांड उपलब्ध है | जैसे बैद्यनाथ कांचनार गुग्गुल ,डाबर कांचनार गुग्गुल ,पतंजलि कांचनार गुग्गुल ,और बहुत सारे ब्रांड है | लेकिन एक हिसाब से इनकी price 100 से 200  के बीच उपलब्ध है | टेबलेट के अनुसार | 

Kanchnar guggul faq |  

Que इसका सेवन कब करना चाहिए ?

Ans  इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले | लेकिन अगर आप ले रहे है तो इसका सेवन खाना -खाने के बाद करे | 

Que   इसका  सेवन एक दिन मे कितनी बार किया जा सकता है ?

Ans   इसका सेवन खाना खाने के बाद सुबह -शाम करना सही होता है | 

Que -इसके सेवन क्या आप नशे के आदि हो सकते है ?

Ans -नहीं ,यह आयुर्वेद में अच्छी औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है | अतः इससे नशे के आदि होने की संभावना नहीं रहती है | 

Que   इस दवा  के सेवन में हमें क्या सावधानी बरतनी चाहिए | 

Ans -इसको  सेवन करने मे हमे अनेक सावधानी बरतनी चाहिए 

  • ठण्डे पदार्थ का सेवन कम करना चाहिए | 

 

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